उनकी कहानी
हर मौके पर मौजूद रहने वाली पार्षद।
दर्शना वार्ड 143, सिद्धार्थ नगर की पूर्व निगम पार्षद हैं, जिन्होंने 2002 से 2022 तक लगातार चार कार्यकालों में इस वार्ड और इसकी पूर्व सीमाओं (वार्ड 156, भोगल) का प्रतिनिधित्व किया। हर चुनाव में जनता का समर्थन पहले से बढ़ा — यही उनके काम की सबसे बड़ी गवाही है।
आज वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की सदस्य हैं। पार्टी ने उनके काम पर बार-बार भरोसा जताया है — 2009 में दिल्ली की महापौर पद के लिए कांग्रेस की प्रत्याशी बनीं, और 2017 में नई निगम सभा की पहली बैठक की पीठासीन अधिकारी के रूप में पार्षदों को शपथ दिलाई। निगम में उन्होंने वर्क्स कमेटी, सेंट्रल वार्ड कमेटी और नियुक्ति-अनुशासन समिति सहित कई समितियों में कार्य किया।
वे स्नातकोत्तर (एम.ए., एम.एम.एच. कॉलेज, ग़ाज़ियाबाद) और बी.एड. (दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, आगरा) हैं, और शिक्षा की पृष्ठभूमि को अपनी जनसेवा में साथ लाती हैं।
स्थानीय शासन में दो दशकों के दौरान, उनका काम ज़मीनी और व्यावहारिक मुद्दों पर केंद्रित रहा — सड़कें, नालियाँ, स्वच्छता, पार्क, स्कूल और जवाबदेह प्रशासन। ज़रूरत पड़ने पर वे निवासियों की ओर से अधिकारियों से सीधे सवाल करने में कभी नहीं हिचकीं — और आज भी हर निवासी के लिए उतनी ही सुलभ हैं।